alignment

ग्रहों की युति 2026: अगली तारीखें कब देखें आकाश में

· 3 min read
ग्रहों की युति 2026: अगली तारीखें कब देखें आकाश में
Photo: Photo by Unal POLAT on Pexels

4 जुलाई 2026 को सूर्योदय से पहले पूर्व दिशा में नज़र डालें, आपको मंगल और यूरेनस आकाश में सबसे नज़दीक दिखाई देंगे, यह इस साल होने वाली कई ग्रह युतियों की कड़ी का हिस्सा है।6

ग्रहों की युति (planetary conjunction) तब होती है जब दो ग्रह आकाश में एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई देते हैं, भले ही वास्तव में वे अंतरिक्ष में लाखों मील दूर हों।6 ग्रह पास दिखने की वजह यह है कि वे आकाश में लगभग एक ही रास्ते, यानी क्रांतिवृत्त (ecliptic), पर चलते नज़र आते हैं।6

2026 में आगे क्या-क्या देखने को मिलेगा

जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में, लालिमा लिए मंगल और यूरेनस पूर्वी आकाश में सूर्योदय से पहले एक-दूसरे के करीब आते नज़र आएंगे, जो सूर्योदय से करीब ढाई घंटे पहले उदय होंगे।6 इनकी सबसे नज़दीकी युति 4 जुलाई की सुबह होगी।6

इसके बाद बारी है बुध और बृहस्पति की। अगस्त की शुरुआत में बुध नीचे की ओर खिसकेगा जबकि बृहस्पति पूर्वी आकाश में ऊपर चढ़ता जाएगा, और दोनों 15 अगस्त को सबसे करीब दिखाई देंगे, यह सूर्योदय से करीब एक घंटा पहले उदय होंगे।6

यही 15 अगस्त की तारीख अन्य जगहों पर भी बृहस्पति-बुध युति के तौर पर खास मानी जा रही है।1 इसके अलावा 12 अगस्त 2026 के आसपास सुबह के आकाश में एक बड़ा ग्रहों का जमावड़ा भी देखने को मिल सकता है, जिसे कभी-कभी "प्लैनेट परेड" (planet parade) कहा जाता है।3

साल के बाद के हिस्से में, मंगल और बृहस्पति की भी सुबह के आकाश में युति 16 नवंबर को होनी तय है।6

आगे की झलक

अगर आप 2026 की ये युतियां मिस कर देते हैं, तो 2027 के लिए अपना कैलेंडर तैयार रखें, जब शुक्र और बुध तीन अलग-अलग मुलाकातों में मिलकर एक त्रिगुण युति (triple conjunction) बनाएंगे।1 पहली युति 1 जुलाई 2027 को होगी, उसके बाद दूसरी 11 अगस्त 2027 को, और तीसरी 10 अक्टूबर 2027 को।1

कभी-कभी युति और भी नाटकीय रूप ले लेती है: एक ग्रह सीधे दूसरे ग्रह के आगे से गुज़र जाता है, जिसे ग्रह गुप्ति (planetary occultation) कहते हैं।6 ऐसे पल दुर्लभ होते हैं, इसलिए 4 जुलाई की मंगल-यूरेनस युति जैसी नज़दीकी मुलाकात के लिए सुबह जल्दी अलार्म लगाना बनता है।6

खगोलशास्त्रियों के लिए इनका क्या महत्व है

देखने में, कोई युति या बड़ा ग्रह जमावड़ा गोधूलि आकाश में एक करीने से सजी चमकीले बिंदुओं की कतार जैसा लगता है। लेकिन खगोलशास्त्री इसे अलग नज़रिए से देखते हैं, इसे एक त्रि-आयामी सिज़ीजी (syzygy) कहते हैं, यानी एक ऐसी सीधी लाइन जो हमारे सौरमंडल की चपटी, तश्तरी-जैसी संरचना को उजागर करती है।

असल में ग्रह एक-दूसरे के पास नहीं आ रहे होते।6 वे बस कुछ सुबहों के लिए हमारी देखने की सीध में आ जाते हैं, यह सिर्फ ज्यामिति का खेल है, असली मिलन नहीं।6

ज्योतिषीय नज़रिए से आकाश को पढ़ना

यह कोई भविष्यवाणी या पालन करने की स्क्रिप्ट नहीं है। इसे आत्म-चिंतन के लिए एक हल्के-फुल्के संकेत की तरह लें, कोई निर्देश नहीं। जो बात आपको ठीक लगे उसे अपनाएं, बाकी छोड़ देना पूरी तरह आपकी मर्ज़ी है।

इस साल जब भी ये ग्रह आकाश साझा करते नज़र आएं, असली फायदा उस ठहराव में है जो यह पल आपको देता है, ऊपर देखने, गहरी सांस लेने और खुद से जुड़ने का एक छोटा-सा बहाना।

Related reading

← Back to blog