alignment

एटा एक्वेरिड उल्कापात 2026: कब और कैसे देखें टूटते तारों की बारिश

· 3 min read
एटा एक्वेरिड उल्कापात 2026: कब और कैसे देखें टूटते तारों की बारिश
Photo: Photo by Austin Schmid on Unsplash

एटा एक्वेरिड उल्कापात 5 और 6 मई 2026 की रात को अपने चरम पर होगा।1 न दूरबीन चाहिए, न टेलिस्कोप, न कोई खास जानकारी — बस साफ आसमान, अंधेरी जगह और कुछ देर आँखों को अंधेरे में ढलने का मौका।2

यह उल्कापात कैसा दिखता है

एटा एक्वेरिड उल्काएँ अपनी तेज़ रफ्तार और चमकती "पूँछ" के लिए जानी जाती हैं — बड़े आग के गोले नहीं, बल्कि लंबी चमकदार लकीरें जो हर टूटते तारे के बाद एक पल के लिए आसमान में ठहरी रहती हैं।1 ऐसा लगता है जैसे आसमान आपके लिए कुछ लिख रहा हो।

उत्तरी गोलार्ध में, पूरी तरह अंधेरी जगह से देखने पर चरम पर लगभग 30 उल्काएँ प्रति घंटे दिख सकती हैं।1 इस साल ढलते हुए पूर्ण चंद्रमा की रोशनी आसमान को कुछ चमकीला कर देगी, जिससे कम उल्काएँ नज़र आएँगी।1 जितनी अंधेरी जगह मिले, उतना बेहतर नजारा मिलेगा।1

उल्कापात कहाँ से देखें

एटा एक्वेरिड उल्कापात दक्षिणी गोलार्ध से सबसे अच्छा दिखता है।1 उत्तरी भारत के लोग भी इसे देख सकते हैं — बस शहर की रोशनी से दूर, किसी खुले और अंधेरे मैदान या छत पर जाएँ।

न टेलिस्कोप, न दूरबीन, न कोई खास हुनर — बस सही समय पर, सही जगह से ऊपर देखें और आँखों को अंधेरे में ढलने दें।2 एक आरामदायक कुर्सी या चादर बिछाकर लेट जाएँ — इससे पूरा आसमान आपकी नज़र में आ जाएगा।

अपने शहर के हिसाब से सही समय और दिशा जानने के लिए timeanddate.com का इस्तेमाल करें।1 और ज़्यादा जानकारी के लिए American Meteor Society की वेबसाइट देखें।1

हैली धूमकेतु — इन टूटते तारों की असली कहानी

ज़्यादातर उल्कापातों की तरह, एटा एक्वेरिड भी एक धूमकेतु के मलबे से बनता है जो कभी पृथ्वी की कक्षा को पार कर गया था।1 वह धूमकेतु है हैली का धूमकेतु — जिसे सदियों से इतिहास में दर्ज किया जाता रहा है।1

हैली धूमकेतु के दर्शन का रिकॉर्ड पूरे इतिहास में मिलता है।1 मई में आप जो टूटते तारे देखेंगे, वे उसी धूमकेतु के धूल के कण हैं — जो तेज़ रोशनी की लकीर बनकर आसमान में बिखर जाते हैं।1

इस रात का पूरा मज़ा कैसे लें

देखना शुरू करने से पहले आँखों को कम से कम 20 मिनट अंधेरे में ढलने दें — तभी हल्की उल्काएँ भी नज़र आएँगी।2 नज़र को आसमान में धीरे-धीरे घुमाते रहें, टूटते तारे खुद आपको मिल जाएँगे।

उल्काएँ आसमान के बड़े हिस्से में गिरती हैं — टेलिस्कोप का संकरा दायरा आपको ज़्यादातर दिखाई देने वाली उल्काओं से महरूम कर देगा। सबसे सरल तरीका सबसे कारगर है: नंगी आँखें और लेटकर देखना — यही सबसे ज़्यादा आसमान दिखाता है।

बृहस्पति के गुरुत्वाकर्षण के कारण कुछ वर्षों में उल्काओं की संख्या अचानक बढ़ जाती है, इसलिए हर साल कुछ अनोखा देखने की उम्मीद रहती है।1

अगर एटा एक्वेरिड ने रात के आसमान में आपकी जिज्ञासा जगा दी है, तो और जानने के लिए Zodaiya पर जाएँ।

Related reading

← Back to blog